Pauli ka Apvarjan ka Sidhant/पाउली का अपवर्जन का नियम

Pauli ka Apvarjan ka Sidhant/पाउली का अपवर्जन का नियम
Pauli ka Apvarjan ka Sidhant/पाउली का अपवर्जन का नियम

Pauli ka Apvarjan ka Sidhant/पाउली का अपवर्जन का नियम.ऑस्ट्रिया  के वैज्ञानिक डब्ल्यू पावली ने 1926 में एटम्स की डिफरेंट उपकोष में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या ज्ञात करने एवं उनकी व्यवस्था का डिटरमिनेशन करने के लिए एक नियम प्रतिपादित किया था जो पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के नाम से जाना जाता है।

Pauli ka Apvarjan ka Sidhant/पाउली का अपवर्जन का नियम।

इस नियम के अनुसार किसी “एटम् में कोई भी दो इलेक्ट्रॉनों की चारो क्वांटम संख्या एक  समान नहीं हो सकती है।” या एक आर्बिटल में केवल दो इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं जिनके स्पिन ऑपोजिट डायरेक्शन में होते हैं।

इससे यह प्रतीत होता है कि प्रत्येक इलेक्ट्रॉन दूसरे इलेक्ट्रॉन से कुल एनर्जी में डिफरेंस रखता है। यदि मान लो दो इलेक्ट्रॉन ऐसे हैं जिनके n, lतथा m समान है तो इनके s के मान अवश्य डिफरेंट होंगे ।

एक के लिए s मान +1/2 अर्थात(clockwise)  spin और दूसरे के लिए-1/2 मतलब (anticlockwise) स्पिन होगा।

Quantum number n l m s
I electron 1 0 0 +1/2

 

II electron 1 0 0 -1/2

उदाहरण के लिए L शैल  में 8 इलेक्ट्रॉन होते हैं।

इन डिफरेंट इलैक्ट्रांस की क्वांटम नंबर्स निम्नलिखित सारणी में दिए गए हैं।

जिससे प्रतीत होता है कि किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों की चारो क्वांटम नंबर्स समान नहीं होती है।

L-shell में विभिन्न इलेक्ट्रानो की संख्याये 

n 2

 

l O या s 1 या p

 

m 0 -1 0 +1
s +1/2  -1/2

 

+1/2  -1/2

 

+1/2  -1/2

 

+1/2  -1/2

 

महत्त्व :-

एटम्स के इलेक्ट्रॉन कॉन्फ़िगरेशन के डिटरमिनेशन में यह थ्योरी बहुत उपयोगी सिद्ध हुई है। इस रूल की हेल्प से यह बताया जा सकता है कि आर्बिटल में अधिक से अधिक दो ही इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं।

जिनका स्पिन ऑपोजिट डायरेक्शन में होगा। इनकी हेल्प से किसी मुख्य  कोष में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या ज्ञात की जा सकती है। जो कि 2n2 होती है।

उदाहरण:

इस रूल के बेसिस पर स्पष्ट होता है कि क्यों M-शैल  में अधिकतम 18इलेक्ट्रॉन हो  सकते हैं।

M-शैल (n=3) के लिए l के तीन 0,1,2   तथा m के कुल 9 मान् 0,-1,0+1,-2,-10,+1,+2   होते हैं। जो क्रमश:3s,3px,3py,3pz,3dxz,3dxy,3dyz,3dx2-y2,3dz2 को व्यक्त करते हैं।

चूँकि  प्रत्येक कक्षक में +1/2 spin वाले एक-एक electron pair  पाए जाते हैं, इसलिए इन 9 ऑर्बिटल  में 18 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

अतः M-शैल में अधिकतम 18 electron  हो सकते हैं।

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