Electrophilic Aromatic Substitution Mechanism

Electrophilic Aromatic Substitution Mechanism.एरोमेटिक यौगिक में प्रतिस्थापन नाभिकस्नेही,इलेक्ट्रान स्नेही या फ़्री रेडिकल के द्वारा होता हैं.एरोमेटिक रिंग के ऊपर और नीचे पाइ इलेक्ट्रान बादल होता हैं.ये पाइ इलेक्ट्रान सिग्मा इलेक्ट्रान की तुलना में हलके फुल्के लगे रहते हैं.और एल्क्ट्रोफाइल के लिए उपलब्ध रहते हैं.इस ब्लॉग में केवल एलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन के बारे में चर्चा होगी.

Electrophilic Aromatic Substitution Mechanism

ऐरेनियम आयन मैकेनिज्म 

एरोमेटिक एलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन की मैकेनिज्म द्वि आणविक होती हैं.और इसमें ऐरेनियम आयन मध्यवर्ती के रूप में इन्वाल्व होता हैं.कभी-कभी इस क्रियाविधि  को SE2 क्रियाविधि कहा जाता है, क्योंकि यह द्वि-आणविक है.इस क्रियाविधि में सबसे पहले पद में  इलेक्ट्रान स्नेही सब्सट्रेट पर आक्रमण करता हैं,और कार्बोकेटायन  देता हैं.इस कार्बोकेटायन को ऐरेनियम आयन या व्हीलैंड मध्यवर्ती या σ काम्प्लेक्स या बेन्ज़ेनोनियम आयन या साईक्लोहेक्साडाईनाइल केटायन  कहा जाता हैं.

आक्रमणकारी  इलेक्ट्रान स्नेही पॉजिटिव आयन होता हैं.ऐरेनियम आयन अनुनाद के द्वारा  स्थायित्व ग्रहण करते हैं.लेकिन एरोमेटिसिटी के लॉस होने के कारण इनकी अनुनाद उर्जा ,पैरेंट एरोमेटिक सिस्टम से कम होती हैं.इस प्रकार से ऐरेनियम आयन प्रोटोन को लूस करके अधिक स्थायी एरोमेटिक स्टेट में बादल जाते हैं.रिएक्शन मिश्रण में उपस्थित क्षार प्रोटान को रिमूव करने में हेल्प करता हैं.

 

 

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