Organometallic Compounds Notes

Organometallic Compounds Notes,कार्बधात्विक यौगिक उसे कहते जिसमे कार्बन एटम सीधे रूप से धात्विक परमाणु से जुडा होता हैं.यहाँ पर धात्विक परमाणु एक या एक से अधिक हो सकता हैं.आज हम कार्बधात्विक यौगिक को केसे बनाते है और इसकी क्या-क्या रासायनिक क्रिया होती हैं के बारे में विस्तार से समझेंगे!

Organometallic Compounds Notes

ऐसे कंपाउंड जो मेटल- कार्बन(M-C) बांड रखते हैं,उसे आर्गेनोमेटालिक कंपाउंड्स कहते हैं|इन्हें Organometallics भी कहते हैं|आर्गेनोमेटालिक कंपाउंड्स एक या एक से अधिक मेटल-कार्बन बांड रखते हैं|लेकिन यहाँ पर एक बात क्लियर होना चाहिए की जो कार्बन हैं वो आर्गेनिक मॉलिक्यूल का पार्ट होना चाहिए|और Metal Atom कोई संक्रमण तत्व/Actinide/Lanthanide/Main ग्रुप एलेमेंट्स हो सकते हैं|कुछ बॉर्डर लाइन मेटल जैसे Ge,As,B,Bi,Sb,Si,Se,और Te आदि को आर्गेनोमेटालिक कंपाउंड्स में क्लासिफाइड  किया जाता हैं|उदाहरण

C2H5MgBr            एथिल मैग्नीशियम ब्रोमाइड

C2H5–Zn–C2H5 डाई एथिल जिंक

LiC2H5                  लिथियम एथिल

Pb(C2H5)4           टेट्रा एथिल लैड

Hg(C2H5)2         डाई एथिल मरकरी

(CH3)3As           ट्राई मिथाइल आर्सेनिक

[Rh(pph)3Cl]    विलकिंसन कैटेलिस्ट (इसमें मेटल कार्बन बांड हाइड्रोजेनेसन के समय produce होता हैं|)

What are organometallic compounds with examples?

Jablonski Diagram In Hindi

Jablonski Diagram In Hindi,इस ब्लॉग में हम पड़ेंगे फोटो केमिस्ट्री के एक महत्वपूर्ण टॉपिक के बारे में जिसके बिना फोटो केमिस्ट्री को समझना मुश्किल हैं.फोटो केमिस्ट्री, फिजिकल और आर्गेनिक केमिस्ट्री दोनों में आती हैं.इस ब्लॉग में हम फोटो केमिस्ट्री के एक पार्ट Jablonski Diagram को समझेंगे !

Jablonski Diagram In Hindi

आर्गेनिक फोटो केमिस्ट्री में एप्लीकेशन के बारे में अध्ययन किया जाता है.मतलब किसी आर्गेनिक compound पर photochemistry  का क्या असर होता है?या क्या उसके उपयोग हैं?के बारे में बात करते हैं.सबसे पहले हम यह समझेंगे की photochemistry क्या होती हैं.इसे हम दो भागो में डिवाइड कर सकते हैं :

  • फोटो फिजिकल प्रोसेस : इस प्रोसेस पर में जब कोई अभिकर्मक (Reactant)पर कोई hν energy टकराती हे  तो  इलेक्ट्रान  ग्राउंड अवस्था  से  उत्तेजित  अवस्था  में चला जाता है .फिर वह  वापस  hν energy रिलीज़  करके  अभिकर्मक (Reactant) में चेंज हो जायेगा .यह एक  फोटो फिजिकल  प्रोसेस  होती हैं.
  • फोटो केमिकल प्रोसेस :इस प्रोसेस पर में जब कोई अभिकर्मक (Reactant)पर कोई hν energy टकराती हे  तो  इलेक्ट्रान  ग्राउंड अवस्था  से  उत्तेजित  अवस्था  में चला जाता है .और  प्रोडक्ट में परिवर्तित  होता है इसे फोटो केमिकल प्रोसेस कहते है .

सामान्य अवस्था और उत्तजित अवस्था 

जब इलेक्ट्रान hν  एनर्जी  ग्रहण करके उत्तजित अवस्था में जाता हैं तो यदि उसकी स्पिन ऐन्टीपैरलेल होती हैं. तो वह unstable कंडीशन में होता हैं.इसे सिंग्लेट अवस्था कहते हैं.यदि उसकी स्पिन पैरलेल होती हैं,तो वह stable कंडीशन में होता हैं.इसे ट्रिप्लेट अवस्था कहते है.(चित्र)

सिंग्लेट एंड ट्रिप्लेट अवस्था
                                          सिंग्लेट एंड                                               ट्रिप्लेट अवस्था

सिंग्लेट अवस्था में स्पिन multiplicity 2(S)+1=1 होती हैं.क्योंकि S=+1/2 +(-1/2)=0 होता हैं.S का मान 0 हैं .इस  s का मान स्पिन multiplicity सूत्र में रखने पर यह होगा :- 2(0)+1=1 इसी प्रकार ट्रिप्लेट अवस्था में स्पिन multiplicity 2(S)+1=3 होती है.क्योंकि S=+1/2 +(+1/2)=1 यहाँ पर S का मान 1 हैं .इस  s का मान स्पिन multiplicity सूत्र में रखने पर यह होगा :- 2(1)+1=3

Jablonski Diagram In Hindi
Jablonski Diagram In Hindi

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

जब इलेक्ट्रान एनर्जी काअवशोषण करके उत्तजित अवस्था में जाते है और उनका स्पिन चेंज नहीं होता या वह antiparraral होता है तो उसे सिंग्लेट अवस्था कहते हैं.औरजब इलेक्ट्रान एनर्जी काअवशोषण करके उत्तजित अवस्था में जाते है और उनका स्पिन चेंज या स्पिन Parraral होता हैं,तो उसे ट्रिप्लेटअवस्था कहते हैं.

जब इलेक्ट्रान एनर्जी काअवशोषण करके S0 से S1,S2.S3 में जाते हैं.जब वह वापस आते समय ली एनर्जी को हीट के रूप में रिलीज़ करता हैं तो इसे नॉन रेडियोएटीव decay  कहते हैं.यदि इलेक्ट्रान एनर्जी का उत्सर्जन फोटोन के रूप में करते हैं तो इसे रेडियोएटीव decay  कहते हैं.यह प्रोसेस बहुत तेजी से होती हैं इसे flouroscence कहते है.

जब इलेक्ट्रान उत्तेजित अवस्था(सिंग्लेट अवस्था )से T1,T2,T3(ट्रिप्लेट अवस्था )में  चला जाता हैं.इस समय इलेक्ट्रान की स्पिन चेंज हो जाती हैं.इसे इंटर सिस्टम क्रासिंग कहते है.यहाँ से इलेक्ट्रान एनर्जी को हीट के रूप में रिलीज़ करता हैं तो इसे नॉन रेडियोएटीव decay  कहते हैं.यदि इलेक्ट्रान एनर्जी का उत्सर्जन फोटोन के रूप में करते हैं तो इसे रेडियोएटीव decay  कहते हैं.यह प्रोसेस बहुत धीमे  से होती हैं,इसे Phasphoresenceकहा जाता  है.

जब्लोंसकी डायग्राम के  कुछ महत्वपूर्ण टर्म 

Absorption 10-15 sec

Inter System crossing 10-10  -10-8 sec

Internal coversion

vibrational relaxation 10-12  10-10

flouroscence 10-10 -10-7

phasphoresence 10-3 to 101

इस प्रकार से इस ब्लॉग में हमने देखा कीJablonski Diagram In Hindiऔर भी कुछ स्पेशल उदाहरण बीच-बीच में ऐड करता रहूँगा.आप की कोई इस से रिलेटेड प्रॉब्लम हो तो मेसेज बॉक्स के थ्रू सेंड कर सकते है.इसे शेयर करें फ्रेंड्स और फॅमिली केस साथ में और भी इम्पोर्टेंट टॉपिक आपके साथ शेयर करता रहूँगा.अगर आप लैपटॉप से रिलेटेड कोई इनफार्मेशन चाहते है तो इस लिंक पर क्लिक करें.थैंक यू !