Iupac Name Trick In Hindi

Iupac Name Trick In Hindi,इस टॉपिक में हम सीखेंगे कार्बन और उसके compound के Iupac Name केसे लिखते है?कार्बन की संयोजकता 4 होती है.इसमें क्रियात्मक समूह के बारे में भी देखेंगे.

Iupac Name Trick In Hindi

Iupac का फुल फॉर्म  इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री होता है.कार्बन  की परमाणु संख्या -6 होती है.इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास  1s2 2s2 2p2 होता है .इसकी संयोजकता 4 होती है,इसका मतलब कार्बन अपने चारो और  4 बंध द्वारा  जुड़ा होता है.जो की सिंगल बांड,डबल   या ट्रिपल बांड हो लेकिन   कुल 4 बांड होना चाहिए .इस प्रकार (चित्र)

Iupac Name Trick In Hindi
Iupac Name Trick In Hindi
  • सिंगल बांड को एन
  • डबल बांड को ईन
  • ट्रिपल बांड को आइन

कहते है. Iupac नाम को लिखने से पहले कार्बन के बारे में पूरी जानकारी होना जरुरी है.कार्बन संख्या के आधार पर इनमे prefix लगते है ,जैसे एक कार्बन को मैथ और दो को एथ से पुकारा जाता है.  इसी प्रकार जैसे-जैसे कार्बन बड़ते जाते हैं.इनके prefix भी चेंज होते .उन्हें इस प्रकार लिखा जाता है .इनका कॉमन नाम एल्केन होता है.in सभी में सिंगल बांड होता है.निचे देखिये :

  • methane (1 carbon)CH4
  • ethane    (2 carbons)C2H6
  • propane (3 carbons)C3H8
  • butane   (4 carbons)C4H10
  • pentane (5 carbons)C5H12
  • hexane  (6 carbons)C6H14
  • heptane (7 carbons)C7H16
  • octane  (8 carbons)C8H18
  • nonane (9 carbons)C9H20
  • decane (10 carbons)C10H22

उदाहरण से और स्पस्ट हो जायेगा-जैसे की butane का फार्मूला लिखना हो तो सबसे पहले उपर दी गई लिस्ट से क्लियर है की butane में 4 कार्बन होते है .इसलिए इसका नाम लिखते समय सबसे पहले 4 कार्बन लिख देते है.जेसे की हम जानते है कार्बन की संयोजकता 4 होती है.इसलिए बाकि की संयोजकता हाइड्रोजन से संतुस्ट होती है, इस प्रकार से :

Iupac Name Trick In Hindi
Iupac Name Trick In Hindi

Iupac Nomenclature:

Iupac नाम लिखने के लिए सबसे पहले हम वर्ड रूट पता करते है.वर्ड रूट का मतलब कार्बन की श्रंखला कितनी लम्बी है.उदाहरण के लिये:-

  • hexane  (6 carbons)C6H14 इस example में कुल सिक्स कार्बन है.
  • nonane (9 carbons)C9H20 इस example में कुल नाइन कार्बन है.
  • butane   (4 carbons)C4H10 इसमें कुल 4 कार्बन है.

सबसे पहले कार्बन की सबसे बड़ी श्रंखला देखते है .उसके बाद नम्बरिंग करते है,नंबरिंग उस साइड से करेंगे जहा पर डबल बांड,ट्रिपल बांड,या कोई क्रियात्मक समूह करीब हो.आएये और विस्तार से समझते है.नीचे दिए टाइटल में हम डायग्राम की सहायता से समझते.

iupac name rule in hindi:

इसमें कई प्रकार की कंडीशन बन सकती है.जब डबल या ट्रिपल बांड करीब हो तब नम्बरिंग इस प्रकार करेंगे:

उदाहरण के लिए 2 पेंटीन या पेंट 2 ईन  का नाम iupac में लिखना है,तो सबसे पहले पेंट मतलब 5 कार्बन लिख लेंगे.फिर नाम में लिखा है  2 ईन अतः  नंबर 2 पर डबल बांड (क्योंकि पहले बताया था मेने डबल बांड को ईन लिखते हे )लगा देंगे.चूँकि नाम में 2ईन लिखा है इसका मतलब आप किसी भी साइड से नंबरिंग कर सकते है.अगर चित्र दिया होता,तो नंबरिंग हम वहां से करते जहाँ से डबल बांड करीब होता .(चित्र)इस प्रकार से :-

इसके बाद हम जानते है की कार्बन की valency 4 होती है लेकिन चित्र में कार्बन की valency satisfy नहीं है.तो each कार्बन एटम पर हाइड्रोजन जोड़ कर सभी कार्बन की valency satisfy करेंगे.इस प्रकार से !

Iupac Name Trick In Hindi
Iupac Name Trick In Hindi

देखिये कार्बन की valency भी satisfy हो गई .इसमें कुल 5 कार्बन है,इसलिए पहले पेंट लिखेंगे और दो नंबर पर डबल बांड है इसलिए 2 ईन लिखेंगे.पूरा नाम होगा  2 पेंटीन या पेंट 2 ईन .

ऐसा हो सकता ह,जब डबल बांड चित्र के अनुसार लेफ्ट हैण्ड साइड कार्बन से करीब हो तो उसे ऐसे लिखेंगे.

फिर इसके बाद कार्बन की चारो संयोजकता को हाइड्रोजन से पूर्ण करेंगे.लेकिन नाम वही होगा.2 पेंटीन या पेंट 2 ईन .

इस प्रकार से:

Iupac Name Trick In Hindi
Iupac Name Trick In Hindi

निचे दिए उदाहरन में डबल बांड 3 नम्बर पर है,और 6 कार्बन है अतः इसे लिखेंगे हेक्स 3 ईन  या 3 हेक्सीन

 

ऐसा भी हो सकता है की दो डबल बांड हो तो उसे 1,3 डाई ईन हेक्स या 1,3 डाई ईन हेक्सीन क्योंकि 1 और 3 पोजीशन पर डबल बांड है,और वो दो बार है इसलिए इसे 1,3 डाई ईन तथा कार्बन 6 है. चित्रानुसार 

 

Iupac Name Trick In Hindi
Iupac Name Trick In Hindi

Iupac Name Trick In Hindi

 

ऐसा भी हो सकता है की डबल बांड,ट्रिपल बांड और क्रियात्मक समूह (फंक्शनल ग्रुप )भी आ जाये.तब नंबरिंग क्रियात्मक समूह से शुरू करेंगे यदि क्रियात्मक समूह में कार्बन हो तो नीचे दिए उदाहरण का नाम इस प्रकार होगा 5 ईन 2आईन हेक्सेनोइक एसिड होगा.क्योंकि इसमें 6 कार्बन है इसलिए हेक्सेन और 2 पर ट्रिपल बांड है ,5 पर ट्रिपल बांड है.(चित्र)

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दोस्तों इस प्रकार से बहुत से example है ,जिसे में अपडेट करता रहूँगा.कृपया इसे शेयर कीजिये  फ्रेंड एंड फॅमिली में और आपकी कोई इस रिलेटेड प्रॉब्लम हो तो आप contact उस में जाकर फॉर्म सबमिट कर सकते है.अगर आपको लैपटॉप से सम्बंधित कोई जानकर चाहिए तो आप इस लिंक पर जाकर देख सकते है.थैंक्स!आपका दिन शुभ हो!

फिनॉल में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण

Ortho Para And Meta Directing Group In Hindi

ortho para and meta directing group in Hindi.बेंजीन की ओर्थो,पैरा और मेटा पोजीशन पर कोनसा इलेक्ट्रो फाइल  समूह आकर ऐड होगा. इसका निर्धारण करने वाले समूह को directing group कहते है.अगर इलेक्ट्रो फाइल  समूह बेंजीन की और  ortho para पोजीशन पर ऐड होता है. तो उसे ortho para directing group कहते है.और यदि मेटा पोजीशन पर ऐड होता है. तो उसे meta directing group कहते है.

Ortho Para And Meta Directing Group In Hindi

सबसे पहले यह मालूम होना चाहिए की बेंजीन में ओर्थो ,मेटा और पैरा पोजीशन क्या होती है.जो इस प्रकार है:-

ortho, para meta positions

"<yoastmark

ortho, meta, para meaning:-

स्ट्रक्चर से स्पस्ट है की बेंजीन में 2 नंबर की पोजीशन को ओर्थो कहते है .3 नंबर की पोजीशन मेटा कहलाती है.और 4 नंबर की पैरा कहलाती है.

What are ortho para directors?

बेंजीन से जुड़े कुछ ग्रुप इलेक्ट्रान आकर्षित करने वाले होते और कुछ ग्रुप इलेक्ट्रान प्रतिकर्षण करने वाले  होते है.ऐसे कुछ ग्रुप इस प्रकार है:

  •  इलेक्ट्रान आकर्षित ग्रुप- NO2, -NR3+, -NH3+, -SO3H, -CN, -CO2H, -CO2R, -COH, -X (Halogens)
  • इलेक्ट्रान प्रतिकर्षण ग्रुप--O, -NR2, -NH2, -OH, -OR, -R,-CH3 

ओर्थो,पैरा directors ग्रुप इलेक्ट्रान प्रतिकर्षण ग्रुप होते है.O, -NR2, -NH2, -OH, -OR, -R,-CH3 .यह समूह इलेक्ट्रान को प्रतिकर्षित करते है.बाहरी समूह से जब इलेक्ट्रान का फ्लो बेंजीन रिंग की तरफ होता है तो पैरा और ओर्थो कंडीशन  पर इलेक्ट्रान घनत्व बड  जाता है.जिससे आना वाला इलेक्ट्रो फाइल ओर्थो और पैरा पोजीशन पर एलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया करता है.

ओर्थो पैरा समूह में एलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के समय  अनुनाद संरचना ज्यादा बनती हे कुल 4 सरचना बनती है.इसलिए ओर्थो पैरा जायदा स्टेबल होता है.अगर इसकी मेटा पोजीशन की बात करे तो केवल 3 अनुनाद सरचना पॉसिबल है.

टोलुइन में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण:

ortho para and meta directing group in hindi
ortho para and meta directing group in hindi

यह उदाहरण में टोलुइन पर मिथाइल समूह लगा है.जो इलेक्ट्रान प्रतिकर्षण ग्रुप है जो इलेक्ट्रान को बेंजीन रिंग की और शिफ्ट करता है.जिससे बेंजीन की ओर्थो पोजीशन पर इलेक्ट्रान घनत्व(नेगेटिव चार्ज ) बड  जाता है.जो अनुनाद के द्वारा ओर्थो पैरा और ओर्थो पोजीशन पर इलेक्ट्रान घनत्व बड़ा देता (चित्र से स्पस्ट ).ऐसी कंडीशन में आने वाला इलेक्ट्रो फाइल ओर्थो और पैरा पोजीशन पर जुड़ कर प्रोडक्ट में परिवर्तित होता है.अर्थात मुख्या रूप से ओर्थो और पैरा प्रोडक्ट देता है.

सक्रियकारी समूह :

उपर दी रिएक्शन से क्लियर है की CH3 समूह से इलेक्ट्रान की शिफ्टिंग बेंजीन रिंग तरफ हो रही है.और ओर्थो पैरा और ओर्थो पर इलेक्ट्रान घनत्व बड जाता है.कुल मिलाकर पूरी बेंजीन रिंग पर इलेक्ट्रान डेंसिटी बड जाने के कारन यह बेंजीन रिंग सक्रिय हो जाती है. और आसानी से एलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया करती है.इस लिए इस समूह को सक्रियकारी समूह भी कहते है.

फिनॉल में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण

फिनॉल में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण
फिनॉल में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण

ऐनलीन में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण:

ऐनलीन में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण:
ऐनलीन में ओर्थो पैरा निदेशक समूह का स्पष्टीकरण:

Meta directing groups is:

 

Meta directors ग्रुप इलेक्ट्रान आकर्षित ग्रुप  होते है.NO2, -NR3+, -NH3+, -SO3H, -CN, -CO2H, -CO2R, -COH, -X (Halogens).बेंजीन से लगा ऐसा समूह रिंग से इलेक्ट्रान को आकर्षित करते है.जिससे इलेक्ट्रान का फ्लो बेंजीन रिंग से बाहरी समूह की तरफ हो जाता है.जिससे से रिंग की ओर्थो एंड पैरा पोजीशन पर + आवेश आ जाता है.या यु कह लीजिये इलेक्ट्रान घनत्व कम हो जाता है.इसे चित्र द्वारा समझते है.

Meta directing groups is:
Meta directing groups is:

Why Nitro group is meta directing:

मेटा निर्देशक समूह में बेंजीन रिंग से इलेक्ट्रॉन्स का फ्लो बाहरी समूह की तरफ होता है. जिसके कारण ओर्थो पोजीशन पर +चार्ज आ जाता है अनुनाद के द्वारा ओर्थो से पैरा और पैरा से फिर ओर्थो पर जाता है.जिससे बेंजीन रिंग में इलेक्ट्रान घनत्व कम हो जाता है.कुल मिलाकर बेंजीन रिंग एलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के लिए असक्रिय हो जाती है.रेयर केस में मेटा पोजीशन पर इलेक्ट्रान घनत्व होता हे इस लिए NO2 जो इलेक्टो फाइल है.वो मेटा पर जुड़ जाता है.इसलिए NO2  समूह मेटा निर्देशक समूह है.

Why Nitro group is meta directing:
Why Nitro group is meta directing:

इस प्रकार से इस ब्लॉग में हमने देखा की Ortho Para And Meta Directing Group In Hindi.और भी कुछ स्पेशल उदाहरण बीच-बीच में ऐड करता रहूँगा.आप की कोई इस से रिलेटेड प्रॉब्लम हो तो मेसेज बॉक्स के थ्रू सेंड कर सकते है.इसे शेयर करें फ्रेंड्स और फॅमिली केस साथ में और भी इम्पोर्टेंट टॉपिक आपके साथ शेयर करता रहूँगा.अगर आप लैपटॉप से रिलेटेड कोई इनफार्मेशन चाहते है तो इस लिंक पर क्लिक करें.थैंक यू !