spectroscopy nmr

NMR Spectroscopy kya Hain?एनएमआर स्पेक्ट्रोस्कोपी क्या है

NMR Spectroscopy kya Hain?पहले हम जानते हैं कि स्पेक्ट्रोस्कोपी क्या हैं ?इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन और substance की पारस्परिक रिएक्शन की स्टडी की जाती हैं|electromagnetic रेडिएशन में wave और पार्टिकल दोनों के गुण होते हैं |इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन कई प्रकार के होते हैं,sunlight,x-ray,ultraviolet (uv),radio waves,इन्फ्रारेड तरंगे आदि सभी विधुत चुम्बकीय विकिरण हैं |इन विकिरण  की उर्जा अलग -अलग होने के कारण  ये यौगिको के साथ  भिन्न -भिन्न प्रकार से क्रिया करते हैं|निम्न प्रकार से नीचे देखिये !

UV स्पेक्ट्रम(200-400nm) -इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण

विकिरण (1>0-4 से 10-6)-वाइब्रेशनल और रोटेशनल परिवर्तन

रेडियो तरंगे > 10-7 nm -के अवशोषण से एटम्स के नाभिकीय चुम्बकीय आघूर्ण के स्पिन की दिशा में परिवर्तन होता हैं|

अन्य विकिरण के अवशोषण से पदार्थो में अलग-अलग प्रकार से परिवर्तन होते हैं|

NMR Spectroscopy Kya Hain?एनएमआर स्पेक्ट्रोस्कोपी क्या है

हम समझते हैं की NMR Spectroscopy kya Hain?इसकी खोज भोतिक विज्ञानी ब्लाक और पर्सेल ने की थी |इस संक्रमण में नाभिक का संक्रमण एक स्पिन स्टेट से दूसरी स्पिन स्टेट में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के अवशोषण से तब होता हैं जब वे इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड में रखे जाते हैं|covid19ind .org

एनएमआर परिभाषा

किसी कंपाउंड के एटॉमिक नाभिकों द्वारा प्रबल मैग्नेटिक फील्ड में रेडियो वेव्स (λ>10-7 nm)के अवशोषण से नाभिकीय चुम्बकीय आघूर्ण के स्पिन की स्टेट (दिशा) मे होने वाला परिवर्तन नाभिकीय चुम्बकीय अनुनाद (NMR)कहलाता हैं|jo sab kuch janta ho

NMR spectroscopy principle

कुछ एलेमेंट्स के नाभिक ,उदहारण के लिए कार्बन-13 और हाइड्रोजन (1H),जिनमे odd नंबर में प्रोटोन/न्यूट्रॉन होते हैं ,ऐसा व्यबहार शो करते हैं कि मानो ये एक एक्सिस पर स्पिन करते हुए चुम्बक हैं|किसी विधुत आवेशित पार्टिकल के स्पिन से चुम्बकीय फील्ड उत्पन्न हो जाता हैं इसलिए नाभिकों के स्पिन से भी एक  अल्प चुम्बकीय फील्ड उत्पन्न हो जाता हैं|जिसकी डायरेक्शन और परिमाण एक सदिश राशि,चुम्बकीय आघूर्ण के द्वारा रिप्रेजेंट की जा सकती हैं|

मैक्सिमम आर्गेनिक कंपाउंड्स में केवल प्रोटोन ही ऐसे एटॉमिक नाभिक होते हैं जो अपने नाभिकों के चारों और स्टेबल मैग्नेटिक फील्ड produce करते हैं,इसलिए यहाँ पर ओनली प्रोटोन युक्त आर्गेनिक कंपाउंड्स के मैग्नेटिक प्रॉपर्टी का एक्सप्लेन किया गया हैं|

proton magnetic resonance spectroscopy

जब प्रोटोन (1H)से युक्त किस कंपाउंड की स्ट्रोंग मैग्नेटिक फील्ड में रखा जाता हैं और साथ में  विधुत चुम्बकीय किरणों से किरणित किया जाता हैं तब कंपाउंड के प्रोटोन (1H) नाभिक प्रोसेस,जिसे चुम्बकीय अनुनाद कहते हैं,के द्वारा एनर्जी का अवशोषण कर लेते हैं|

एनर्जी का अवशोषण तब तक नहीं होता हैं जब तक कि एप्लाइड मैग्नेटिक फील्ड की प्रबलता और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन की आवृति एक विशिष्ट वैल्यू की नहीं होती हैं|नाभिकों द्वारा अवशोषित होने वाली एनर्जी का मापन जिस इंस्ट्रूमेंट के द्वारा किया जाता हैं उसे नाभिकी चुम्बकीय अनुनाद (NMR) स्पेक्ट्रोमीटर /प्रोटोन चुम्बकीय  अनुनाद स्पेक्ट्रोमीटर कहते हैं|इन इंस्ट्रूमेंट में अति शक्तिशाली चुम्बकों का यूज़ करते हैं और सैंपल को रेडियो आवृति (rf)फील्ड में किरणित करते हैं|

नाभिकीय चुम्बकीय आघूर्ण

चुंबकीय आघूर्ण का एस आई मात्रक क्या होता है?
चुंबकीय आघूर्ण का एस आई मात्रक (A-m2) होता है|एम्पीयर-स्क्वायर मीटर (ए-एम 2) चुंबकीय द्विध्रुवीय क्षण की श्रेणी में एक इकाई है।इसे एम्पीयर स्क्वायर मीटर, एम्पीयर स्क्वायर मीटर के रूप में भी जाना जाता है

यदि किसी प्रोटोन को एक समान चुम्बकीय फील्ड में रख दिया जाये तो स्पिन करते हुए प्रोटोन से उत्पन्न मैग्नेटिक फील्ड आघूर्ण आउटर मैग्नेटिक फील्ड के प्रति दो ओरिएंटेशन में से एक को ग्रहण कर सकता हैं|इससे दो ओरिएंटेशन उत्पन्न होता हैं|

1.α-स्पिन अवस्था

एक ओरिएंटेशन आउटर फील्ड की डायरेक्शन में होता हैं जिसे α स्पिन अवस्था कहते हैं |

2. β-स्पिन अवस्था

दूसरा ओरिएंटेशन आउटर आउटर फील्ड के प्रति विपरीत डायरेक्शन में होता हैं जिसे β-स्पिन अवस्था कहते हैं|

प्रोटोन के स्पिन की इन दो दशाओं की एनर्जी में बहुत ही कम डिफरेंस होता हैं,α स्पिन की स्टेट लो एनर्जी वाली व् अधिक स्थाई होती हैं|जब कोई चुम्बक मैग्नेटिक फील्ड के साथ उसकी विपरीत डायरेक्शन में संरेखित रहता हैं तब यह उस स्टेट की  तुलना में हाई एनर्जी की स्टेट में होता हैं|जबकि वह चुम्बक मैग्नेटिक फील्ड के साथ उसी डायरेक्शन में संरेखित रहता हैं|

1H के  β-स्पिन की स्टेट α स्पिन की स्टेट की तुलना में हाई एनर्जी की स्टेट के संगत होती हैं|प्रोटोन के मैग्नेटिक फील्ड के ओरिएंटेशन को स्थाई स्टेट (α स्पिन अवस्था) से अस्थाई स्टेट (β-स्पिन अवस्था) में लाने के लिए कुछ एनर्जी की नीड होती हैं| मतलब प्रोटोन के द्वारा hν(ΔE) एनर्जी के विकिरण के अवशोषण से एनर्जी की इन दशाओ में संक्रमण हो सकता हैं या किया जा सकता हैं|

प्रोटोन फ्लिपिंग

प्रोटोन को पलटने (फ्लिप ) के लिए नीड एनर्जी की मात्रा आउटर मैग्नेटिक फील्ड की प्रबलता पर निर्भर करती हैं|आउटर फील्ड की जीतनी अधिक होती हैं प्रोटोन में आउटर फील्ड के साथ उसकी दिशा में संरेखित रहने की प्रवृति उतनी  अधिक रहती हैं तथा आउटर फील्ड के प्रति विपरीत दिशा में लाने के लिए उतनी ही अधिक एनर्जी की नीड होगी|प्रोटोन को फ्लिप करने के लिए नीड विकिरण की आवृति को निम्न प्रकार शो किया जा सकता हैं-

ΔE=2µH0

E=hν

ν=2µH0⁄h  =µH0⁄2π

जहाँ ΔE =एनर्जी की दो स्टेट में डिफरेंस

          ν= हर्ट्ज़  में आवृति

       H0= आरोपित मैग्नेटिक फील्ड की gaus ka niyam में प्रबलता 

        µ= नाभिकीय चुम्बकीय आघूर्ण जिसकी वैल्यू किसी नाभिक के लिए स्थिरांक होती हैं प्रोटोन के लिए इसका मान 26750  या 26.750 rad -1 टेस्ला -1 होता हैं|

Notes-[प्रोटोन का आवेश कितना होता है/एक प्रोटॉन पर विद्युत आवेश की मात्रा होती है]
[एक प्रोटॉन पर विद्युत आवेश की मात्रा होती है= +1.6×10^-19 कूलाम.]
एक सामान्य 1HNMR (PMR) स्पेक्ट्रोमीटर में 14092 gaus का मेग्नेटिक फील्ड आरोपित किया जाता हैं|इस मेग्नेटिक फील्ड में प्रोटान को फ्लिप करने के लिए 60 Mcps(मेगा साइकिल/से )या 60 MHz/60 मिलियन हर्ट्ज़ आवृति के एलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन की need होगी |प्रोटान को अनुनाद में लाने के लिए उपरोक्त बराबर (gaus और mhz) कंडीशन में होना चाहिए |
नोट्स–अनुनाद का मतलब प्रोटान की दशा में परिवर्तन (  α स्पिन से β-स्पिन डायरेक्शन )
आज कल हाई फ्रीक्वेंसी जैसे 100 mhz (23486 gaus के बराबर ) और 500 mhz तक के हाई resolution स्पेक्ट्रोमीटर बना लिए गए हैं|

NMR spectrometer

हाइड्रोजन नाभिक से सम्बंधित प्राप्त होने वाला NMR स्पेक्ट्रम 1H nmr या PMR स्पेक्ट्रम कहलाता हैं|यह किसी आर्गेनिक मॉलिक्यूल में डिफरेंट हाइड्रोजन ATOMS के दो स्पिन ओरिएंटेशन के उर्जा अंतर को

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?दो सबसे बड़े कारण क्यों आप घंटे के बाद रसायन विज्ञान के घंटे का अध्ययन करते हैं और कहीं भी नहीं मिलते हैंआप अलग-अलग विषयों में भी शानदार हो सकते हैं, हालांकि, आपको रसायन विज्ञान में एक दीवार की खोज करना चाहिए। इसका कुछ रहस्यमय देशी कौशल से कोई लेना-देना नहीं है।

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?

इस लेख में दो स्पष्टीकरण दिए गए हैं जिनसे आपको परेशानी हो सकती है।

आप गलत तरीके से अध्ययन कर रहे हैं

आप विभिन्न विषयों का पता लगाने में सबसे अच्छे हैं।

केमिस्ट्री कॉलेज के छात्रों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीधे-ए कॉलेज के छात्र हैं, लेकिन उनके पहले रसायन विज्ञान पाठ्यक्रम में काफी दर्द होता है। यह प्राथमिक सुराग है कि परिदृश्य का सच्चा अपराधी क्या है। यहाँ काम पर क्या है, यह पता लगाने की एक समान विधि का उपयोग करने का प्रयास कर रहा है जो पहले से ही सभी समय पर काम कर रहा है। रसायन विज्ञान को संज्ञानात्मक विशेषज्ञता के मिश्रण की आवश्यकता होती है, हालांकि आपके लिए नया नहीं है, एक ही स्थान पर अप्रत्याशित रूप से उपयोग नहीं किया गया है।

अनुचित पद्धति का अध्ययन करने से “अध्ययन” करने में सहायता नहीं मिलती है।

विभिन्न पाठ्यक्रमों में काम करने वाले समान कारक को करना और जब वे रसायन विज्ञान में काम नहीं करते हैं तो उन्हें अधिक टिकाऊ बनाने का प्रयास करते हैं, वास्तव में यह पता लगाने में अतिरिक्त खर्च नहीं होता है। यह सिर्फ अपने समय का उपयोग करने के लिए एक शानदार तरीका नहीं है कि घटना में लंबे अंतराल के लिए यह पता लगाने के तरीकों का उपयोग करें कि वे पहली जगह के भीतर काम करने का कोई वादा पेश नहीं करते हैं।

छात्रों को सिखाया जाता है कि क्या जांचना है, हालांकि कैसे नहीं।

कक्षा में अपने पूरे समय के दौरान, आपको कपड़े की पूरी तरह से विभिन्न किस्मों का पता लगाने के कई तरीके सिखाए गए हैं। आपको कागजात के लिए मामलों को निर्धारित करने और व्यवस्थित करने के लिए सिखाया गया है। आपको नोट्स लेने की एक त्वरित रणनीति सिखाई जा सकती थी।

विज्ञान के भीतर अध्ययन करने के लिए प्रतिधारण की एक बेहतर डिग्री और विशेष को प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक रणनीति की आवश्यकता होती है। रसायन विज्ञान के मामले में, छोटे विवरण विशेष बात करते हैं।

संस्मरण और नौटंकी काम नहीं करते

मानवीय विचारों को याद करने की एक सीमित क्षमता है।

आपको यह कल्पना करने के लिए भी लुभाया जा सकता है कि काफी सरल और स्पष्ट मुद्दे इतने मौलिक और आसान हैं कि आप उन्हें लिखना नहीं चाहते हैं। हालाँकि, जैसा कि आप निम्न में से किसी एक पर ढेर करते हैं, जिसमें कोई स्पष्ट योजना नहीं है कि वे सामूहिक रूप से कैसे मेल खाते हैं, डेटा के बिट बिट्स गलत हो जाते हैं।

इसके अलावा, जब किसी विषय की तार्किक वृद्धि या एक व्याख्यान के दौरान उदाहरण के मुद्दों को ठीक करने की चरण-दर-चरण कार्यप्रणाली का निरीक्षण करना बहुत महत्वपूर्ण है, तो आप आइटमों के बीच छोड़ देंगे। यह तब से है जब आप अपनी याद में एक चीज को ले जाने के लिए मनोवैज्ञानिक जीवन शक्ति का उपयोग कर रहे हैं। अतिरिक्त आप कागज पर रखा, अतिरिक्त आप अपने विचारों का उपयोग करने के लिए ग्रहण करना चाहिए।

न्यूमॉनिक्स और विधियों में एक प्रतिबंधित “सेल-बाय डेट” है।

बहुत सारी सहायता आप वेब पर प्राप्त करेंगे या अपने दोस्तों से बाहर एक चेक को स्थानांतरित करने के लिए विशेष रूप से याद करने के लिए न्यूमॉनिक्स जैसे मुद्दों पर जोर देते हैं। अन्य अवसरों पर आपके सभी सहपाठियों में से एक आपको एक “कमज़ोरी” के साथ पेश कर सकता है जो एक विशिष्ट दोष को उजागर कर सकता है जो इसे बहुत छोटा बनाता है।

इसके साथ दोष यह है कि संस्मरण अध्ययन के गरीब चचेरे भाई हैं।

जो कुछ भी आप याद करते हैं कि आप लगातार उपयोग नहीं करते हैं वह गायब हो जाएगा। आपकी याद में अत्यधिक मात्रा के आधार पर आपकी विचार क्षमता को डेटा के साथ भर दिया जाएगा, जो कि जैसा आप चाहते हैं बस वैसे ही खोजा जा सकता है। इसका मतलब है कि यह आपके विचारों पर कब्जा कर लेता है जिसका उपयोग विचार के लिए किया जा सकता है।

नौटंकी और संस्मरण आपको नई विशेषज्ञता लागू करने में मदद नहीं करते हैं जबकि आप उन्हें जल्द या बाद में चाहते हैं।

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?

एक परीक्षा पर सभी प्रकार की क्वेरी आपको एक ऐसा मुद्दा प्रदान करती है जिसमें मान्यताओं के समान सेट नहीं होते हैं जिन्हें आप आमतौर पर मुद्दों के साथ हल करते हैं। यदि आपने एक कमियां और एक उत्तर याद कर लिया है, तो आप इस वास्तविकता को धोखा देंगे क्योंकि आप एक मुद्दे को भी स्पष्ट रूप से स्पष्ट नहीं कर सकते हैं जो आपने याद किया है।

आपको उस अवधारणा के बारे में भी सोचना होगा जिसे आपको भविष्य के अध्यायों को समझने के प्रयास में पहले के अध्यायों में खोजे गए आवेदन पर लागू करना होगा। यह उस स्थिति में संभावित नहीं होगा जब आपने एक परीक्षा द्वारा अपने तरीके को याद किया था। यह एक अंतरराष्ट्रीय भाषा का अध्ययन करने की तरह है कि आपको जो कुछ भी सिखाया जाता है वह बाद में आपके द्वारा पहले खोजे गए सामान पर बनता है।

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?

आपने अपना समय बर्बाद कर दिया है अगर बाद के अध्यायों में यह महत्वपूर्ण है कि समान कारक को एक बार पढ़ाया जाए तो समझें कि अब स्कूल में क्या लेपित किया जा रहा है।

यह अनिवार्य है कि आपको केवल नोट्स लेने, पाठय सामग्री पर शोध करने और असाइन किए गए मुद्दों से लाभ के लिए उच्चतर व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएं। उन रणनीतियों की पहचान तब होती है जब आपको सिखाया जाता है कि आपको कैसे जांचना है, आप अपने समय का प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे, और आपको समान कारक के रूप में जल्द ही सिखाया और शोध किया जाना चाहिए।

कार्बनिक रसायन इतना कठिन क्यों है?

उम्मीद है कि अगर आपको परेशानी हो रही है, तो यह स्वीकार करने की क्षमता है कि परिणाम आपके लिए सफलता के निर्माण के प्रकार को कैसे बढ़ाएगा।

यदि आपको जल्द से जल्द और सभी के लिए रसायन विज्ञान को जीतना है, तो डेटा की खोज करें

यह रसायन शास्त्र को सरलतम विधि से शोध करने के लिए आपके तरीकों का खुलासा करता है। उच्च ग्रेड प्राप्त करते समय यह पता लगाने में कम समय व्यतीत करें।

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