Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun-प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण

Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun-प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण

Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun-प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण|21 से 30 एटम नंबर यानि स्कैंडियम (Sc) से जिंक (Zn) के तत्व प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व कहलाते हैं|इन्हें 3d सीरीज भी कहा जाता हैं|प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण क्योंकि इन सीरीज के एलेमेंट्स के एटम अपना अंतिम इलेक्ट्रान थर्ड कक्ष के d-सबशेल में रखते हैं|

Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun-प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण

इंट्रोडक्शन 

Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun|समस्त एलिमेंट्स के परमाणुओं का अंतिम इलेक्ट्रान केवल चार ऑर्बिटल में हो सकता हैं|जो S,P,d और f होते हैं|अंतिम इलेक्ट्रान जिस ऑर्बिटल में जाता हैं|वह एलिमेंट उस ऑर्बिटल   के ब्लाक का एलिमेंट कहलाता हैं|

Element Electronic configuration Block
Na(11) 1s2,2s22p6,3s1 S
Al(13) 1s2,2s22p6,3s23p1 P
Sc(21) 1s2,2s22p6,3s23p6,4s2,3d1 D
Ce(58) 1s2,2s22p6,3s23p6,4s2,3d10.4p6,5s2,4d10,5p6,5d1,6s2,4f1 f

अतः d ब्लाक तत्व,वे होते हैं जिनके परमाणुओं में अंतिम इलेक्ट्रान d ऑर्बिटल में पाया जाता हैं| आवर्त  सारणी  में ये तत्व S ब्लाक तथा P ब्लाक के तत्वों के मध्य पाए जाते हैं |प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण वे तत्व जिनके परमाणुओं में(n-1) मतलब अंतिम से पूर्व कक्ष का d उपकक्ष आंशिक  पूर्ण हो ,d ब्लाक तत्व कहलाते हैं|इस आधार पर Zn,Cd तथा  Hg के परमाणुओं में (n-1) d उपकक्ष पूर्ण होने के कारण इन तत्वों को d ब्लाक तत्व नहीं हैं|

बहुत कम समानता रखते हे फिर भी ये तत्व d ब्लाक के अंतर्गत ही आते हैं|Zn,Cd तथा  Hg को आप्रारुपी संक्रमण  तत्व   हैं|जबकि अन्य संक्रमण  तत्वों को प्रारुपी संक्रमण  तत्व कहते हैं|प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण

d ब्लाक तत्वों को चार भागो में बांटा  हैं-

d ब्लाक तत्वों के गुण 

d ब्लाक एलेमेंट्स के परमाणुओं का आउटर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होने के कारण एक ही आवर्त के d ब्लाक एलिमेंट गुणों में अनेक समानताये रखते हैं|प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण

एलिमेंट संकेत परमाणु संख्या   इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
स्कैंडियम Sc 21 [Ar] 3d1 4S2
टाइटेनियम Ti २२ [Ar] 3d2 4S2
वेनैडियम V 23 [Ar] 3d3 4S2
क्रोमियम Cr 24 [Ar] 3d5 4S1
मैगनीज Mn 25 [Ar] 3d5 4S2
आयरन Fe 26 [Ar] 3d6 4S2
कोबाल्ट Co 27 [Ar] 3d7 4S2
निकिल Ni 28 [Ar] 3d8 4S2
कॉपर Cu 29 [Ar] 3d10 4S1
जिंक Zn 30 [Ar] 3d104S2

Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun-प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के गुण

भौतिक अवस्था एवं मेटालिक गुण 

मरकरी द्रव अवस्था में पाया जाता हैं|शेष सभी तत्व ठोस होते हैं|अंतिम कक्ष में दो इलेक्ट्रान होते हैं|ये सभी मेटालिक गुण दर्शाते हैं|ये कठोर,आघात वर्धनीय तथा तन्य (ductile) होते हैं|ये सभी मेटालिक चमक रखते हैं|Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun|और विधुत तथा उष्मा के सुचालक होते हैं|

एटॉमिक रेडियस 

एटॉमिक रेडियस किसी आवर्त (पीरियड) में एटॉमिक नंबर इनक्रीस  होने के साथ कम होता हैं|क्योंकि परमाणुओं का  नाभिकीय चार्ज इनक्रीस होता हैं|एटॉमिक नंबर इनक्रीस के साथ इलेक्ट्रान संख्या भी इनक्रीस होती हैं|Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun|आने वाला इलेक्ट्रान अंतिम से पहले कक्ष के d उपकक्ष में प्रवेश करता हैं|अतः आउटर कक्ष पर शिल्डिंग इफ़ेक्ट इनक्रीस हो जाता हैं|

आवर्त के अंतिम दो तत्वों के परमाणुओं की रेडियस का इनक्रीस होने का कारण शिल्डिंग इफ़ेक्ट एवं इलेक्ट्रान-इलेक्ट्रान प्रतिकर्षण का अपेक्षाकृत अधिक हो जाना हैं|Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun

आयनिक रेडियस 

d ब्लाक तत्वों के एटम धनायन बनाते हैं|धनायनो की रेडियस उनके परमाणुओं की रेडियस से कम होती हैं|इनके आवर्त में भी रेडियस चेंजेस एटॉमिक रेडियस के अनुरूप होता हैं|Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun|

मेल्टिंग पॉइंट एवं बोइलिंग पॉइंट 

  • हाई मेल्टिंग पॉइंट और हाई बोइलिंग पॉइंट
  • (n-1) d ऑर्बिटल के ओवरलैपिंग के कारण प्रबल मेटालिक बांड
  • अनपेयर्ड d ऑर्बिटल के कारण कोवेलन्ट बांड निर्माण

Zn,Cd तथा  Hg तत्वों के एटम पूर्ण d उपकक्ष  रखते हैं जिसके कारण इन तत्वों के मेल्टिंग पॉइंट और बोइलिंग पॉइंट अपेक्षाकृत कम होते हैं|

आयनन विभव

इनके आयनन विभव की वैल्यू S तथा p ब्लाक तत्वों के आयनन विभव के मध्य होते हैं|आयनन विभव की वैल्यू किसी आवर्त में एटॉमिक नंबर इनक्रीस होने के साथ अधिक होते हैं|Pratham Sankraman Shreni ke Tatvon ke Gun|लेकिन d ब्लाक तत्वों में आयनन विभव में यह वृद्दि अपेक्षाकृत कम होती हैं|क्योंकि नाभिकीय चार्ज में वृद्दि का प्रभाव शिल्डिंग इफ़ेक्ट के द्वारा उदासीन हो जाना हैं|

विधुत ऋणात्मकता 

इन  तत्वों में नाभकीय चार्ज में वृद्दि साथ विधुत ऋणात्मकता धीरे-धीरे अधिक होती जाती हैं|इन तत्वों के परमाणुओं में d उपकक्ष के पूर्ण होने के कारण संक्रमण सीरीज के तत्वों के अंतिम तत्व की विधुत ऋणात्मकता कम होती हैं| पूर्ण d उपकक्ष का शिल्डिंग इफ़ेक्ट अपेक्षाकृत अधिक होता हैं|

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Preparation And Properties of Alcohol Pdf

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ|अल्कोहल उदासीन पदार्थ की केटेगरी में आता हैं|अल्कोहल के रासायनिक गुण इसके -OH समूह के रिप्लेस और H के विलोपन पर आधारित होती हैं.इन्हें बनाने की कई विधियाँ होती हैं.जिनमे से कुछ महत्वपूर्ण विधियाँ नीचे दी गई हैं.

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ

महत्वपूर्ण विधियाँ इस प्रकार से हैं|

  1. एल्किनों के जलयोजन से |
  2. एल्किल हैलाइडो के जलअपघटन से|
  3. एल्किनों के हाइड्रोबोरीकरण ऑक्सीकरण से|
  4. अपचयन से:-

A.एल्डिहाइडो के अपचयन से|

B. किटोनो के अपचयन से|

C.वसीय अम्ल और इसके एस्टरों के अपचयन से|

5.ग्रीन्यार संश्लेषण से |Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf

A. प्राथमिक अल्कोहल से

B. द्वितीयक अल्कोहल से

C. तृतीयक  अल्कोहल से

6.किण्वन से

7. प्राथमिक एमिनो से

आइये सभी को विस्तार से समझते हैं:-

1.एल्किनों के जलयोजन से |

एल्कीन की सल्फ्यूरिक अम्ल से रिएक्शन पर एथिल हाइड्रोजन सलफेट बनता हैं|जो जल अपघटन एथिल अल्कोहल में परिवर्तित हो जाता हैं|

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ
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2.एल्किल हैलाइडो के जलअपघटन से|

एथिल अल्कोहल को जलीय KOH या NaOH के जल अपघटन से बनाया जाता हैं|यहाँ पर एथिल ब्रोमाइड की रिएक्शन पोटेशियम हाइड्रा ऑक्साइड से कराने पर एथिल अल्कोहल और पोटेशियम ब्रोमाइड बनता है |Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-

3.एल्किनों के हाइड्रोबोरीकरण ऑक्सीकरण से|

इस अभिक्रिया में एल्कीन बोरेन और हाइड्रोजन पेरोक्साइड की उपस्थिति में अल्कोहल में बदलते हैं|Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ
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4.अपचयन से:-

A.एल्डिहाइडो के अपचयन से|

इनको अपचायको जैसे LiAlH4 से अपचयन कर प्राप्त किया जाता हैं|Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-

B.किटोनो के अपचयन से|

कीटोन LiAlH4 और ईथर की उपस्तिथि में सेकेंडरी अल्कोहल बनाते हैं|Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-

C.वसीय अम्ल और इसके एस्टरों के अपचयन से|

वसीय अम्ल और इसके एस्टर का अपचयन Na/C2H5OH की उपस्थिति किया जाता हैं तो अल्कोहल प्राप्त होते हैं|

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ
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5.ग्रीन्यार संश्लेषण से |

A. प्राथमिक अल्कोहल :-

प्राथमिक अल्कोहल को हम ग्रिगनार्ड अभिकर्मक की फार्मल्डिहाइड या एथेलीन ऑक्साइड से क्रिया करवाकर  जल अपघटन  करके प्राप्त कर सकते हैं|

B. द्वितीयक अल्कोहल से:-

द्वितीयक अल्कोहल को हम ग्रिगनार्ड अभिकर्मक की एसीटैल्डिहाइड से क्रिया करवाकर  जल अपघटन  करके प्राप्त कर सकते हैं|

C. तृतीयक  अल्कोहल से:-

तृतीयक अल्कोहल को हम ग्रिगनार्ड अभिकर्मक की एसीटोन (कीटोनो और एस्टरों) से क्रिया करवाकर  जल अपघटन  करके प्राप्त कर सकते हैं|तृतीयक अल्कोहल को हम ग्रिगनार्ड अभिकर्मक की एथिल एसीटेट से क्रिया करवाकर  जल अपघटन  करके भी प्राप्त कर सकते हैं|

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6.किण्वन से:-

स्टार्च,शर्करा या माल्ट के किण्वन से एवम एंजाइमों की उपस्थिति से भी अल्कोहल बनाये जाते हैं|

7. प्राथमिक एमिनो से:-

नाइट्रस अम्ल द्वारा ऐलिफैटिक प्राथमिक एमिन विघटित होकर प्राथमिक अल्कोहल देती हैं|

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Properties of Alcohol:-

A. भौतिकी गुण 

  • अल्कोहल उदासीन पदार्थ होता है|
  • अल्कोहलो के -OH समूह पोलर होते हैं|इसका कारण यह हैं कि ऑक्सीजन ,हाइड्रोजन की तुलना में  अधिक ऋण विधुती होता हैं|जिसके कारण  हाइड्रोजन बांड बनता हैं|
  • अल्कोहल और जल दोनों में प्रबल -OH समूह होता हैं|जो आपस में हाइड्रोजन बांड बना सकते हैं|
  • अल्कोहल संगुणित द्रव  हैं|
  • अल्कोहलो में हाइड्रोजन बांड होने के कारण इनका बोइलिंग पॉइंट अधिक होता हैं|क्योंकिअणुओं में उपस्थित हाइड्रोजन बांड को तोड़ने के लिए अधिक उष्मा उर्जा लगती हैं|
  • हाइड्रोजन बांड के कारण निम्नअल्कोहलो की जल से विलेयता होती हैं|

B.  अकार्बनिक साल्ट्स से रिएक्शन 

  • अल्कोहल कुछ अकार्बनिक साल्ट्स के साथ विलायकन के कारण कुछ यौगिक बनाते हैं|जैसे कॉपर सल्फेट हाइड्रेट (CuSO4.5H2O),क्रिस्टलिय कैल्सियम क्लोराइड हाइड्रेट(CaCl2.6H2O) आदि|

C.   अल्कोहलो के रासायनिक गुण 

  • अल्कोहलो  में -OH (हाइड्रॉक्सिल समूह) रासायनिक गुणों के लिए उत्तर दायित्व होता हैं|अल्कोहलो में (R-OH) अल्काइल समूह (R)नाभिकस्नेही होता हैं|यह R समूह इलेक्ट्रान प्रतिकर्षण समूह होता हैं|जो OH बंध के ध्रुवण में सहायक होता हैं|
  • किसी एक संयोजी परमाणु या समूह द्वारा अल्कोहल के OH या H का प्रतिस्थापन होता हैं|
  •  C-O  तथा  O-H दोनों बंध ध्रुवीय होने के कारण अल्कोहल क्रियाशील होते हैं|
  • ऑक्सीजन पर दो अयुग्मित इलेक्ट्रान युग्म होता हैं|जिस पर किसी अन्य  ध्रुवीय या आयनिक अभिकर्मक की रिएक्शन हो सकती  हैं|

D.रासायनिक अभिक्रियाए 

O-H बंध के विदलन से होने वाली अभिक्रियाए 

1.अम्लीय प्रकर्ति :-

अल्कोहल के -OH बंध के ध्रुवीय होने के कारण इनमे आयनिक लक्षण होता हैं| ऑक्सीजन की हाइड्रोजन से  अधिक ऋण विधुती गुण के कारण  ऑक्सीजन पर आंशिक रूप से ऋण चार्ज आ जाता हैं|और हाइड्रोजन पर आंशिक रूप से + आवेश आ जाता हैं|ऐसी दशा में हाइड्रोजन की प्रोटोन के रूप निकलने की प्रवत्ति होती हैं|हाइड्रोजन किसी धातु के द्वारा आसानी से प्रतिस्थापित हो जाता हैं|हाइड्रोजन का इस प्रकार से प्रोटोन के रूप में निकलना अल्कोहल की अम्लीय प्रकृति को दर्शाता हैं|

2CH3CH2OH +2Na  ——->2CH3CH2ONa +H2

2.आक्सीकरण :-

अल्कोहल आक्सीकरण पर एल्डिहाइड और कीटोन देते हैं| एथिल अल्कोहल आक्सीकरण  पर एसीटैल्डिहाइड जो कि पुन:आक्सीकरण पर एसिड देता हैं|

और द्वितीयक अल्कोहल आक्सीकरण पर कीटोन बनाता हैं|

 

3.ग्रिगनार्ड अभिक्रिया से :-

 

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5.एसिटिक  एनहाइड्राइड  या अम्ल हैलाइडो  से :- 

इस रिएक्शन को इस प्रकार से भी समझ सकते हैं|

 

C-O  बंध के विदलन से होने वाली अभिक्रियाए :-

  • हैलोजनो के साथ रिएक्शन

  • थायोनिल क्लोराइड के साथ रिएक्शन 

Alcohol Banane Ki Vidhi Aur Gun Pdf-अल्कोहल बनाने की विधि और गुण पीडीएफ

  • फास्फोरस हैलाइडो  के साथ रिएक्शन

 

  • अमोनिया के साथ रिएक्शन

 

  • अपचयन 

  • अल्काइल समूह  और हाइड्रॉक्सिल समूह दोनों से होने वाली अभिक्रियाए:- 

  • विहाइड्रोजनिकरण :-

प्राथमिक,द्वितीयक और तृतीयक अल्कोहल क्रमश  Cu के साथ 300 डिग्री पर रिएक्शन करके भिन्न-भिन्न प्रोडक्ट देते हैं|प्राथमिक अल्कोहल Cu से रिएक्शन पर एल्डिहाइड,द्वितीयक अल्कोहल Cu से रिएक्शन पर एसीटोन  देता हैं|तथा तृतीयक अल्कोहल Cu से रिएक्शन पर आइसोब्यूटेन देता हैं|