Absorption Law-Lamberts Beer Law/अवशोषण लॉ -लैम्बर्ट्स बीयर लॉ

Absorption Law-Lamberts Beer Law.इस ब्लॉग में बी.एससी second-year के organic chemistry की first यूनिट के imp topic-Lamberts Beer Law का explanation किया जायेगा।

Absorption Law-Lamberts Beer Law/अवशोषण लॉ -लैम्बर्ट्स बीयर लॉ

ultraviolet spectrum (electronic  spectra) की plotting प्राय: wavelength और absorbance

अल्कोहल किसे कहते हैं -ALCOHOL KISE KAHTE HAIN

ALCOHOL KISE KAHTE HAIN.ओलफिन,पैराफिन और एसीटीलीन(हाइड्रोकार्बन) के हाइड्रोजन का -OH ग्रुप द्वारा प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त product को अल्कोहल कहते हैं.

R-H            R-OH

अल्कोहल को जल से भी प्राप्त किया जा सकता हैं,अर्थात इसे जल उत्पन्न हुआ भी मान सकते हैं.

अल्कोहल किसे कहते हैं -ALCOHOL KISE KAHTE HAIN

वर्गीकरण:-इसका वर्गीकरण OH समूह की संख्या पर निर्भर करता हैं| –

OH समूह की संख्या के आधार पर इनका वर्गीकरण इस प्रकार से हैं.

मोनोहाईड्रिक अल्कोहल :-जिसमे एक -OH(हाइड्रॉकसिल)समूह होता हैं

CH3…….. CH3(मोनोहाईड्रिक अल्कोहल)

डाईहाईड्रिक अल्कोहल:- जिसमे दो  -OH(हाइड्रॉकसिल)समूह होता हैं,जो अलग-अलग कार्बन परमाणु से जुड़े रहते हैं.

CH3…….CH3CH2OH…….CH2OH(डाईहाईड्रिक अल्कोहल)

ट्राईहाईड्रिक अल्कोहल:- जिसमे तीन -OH(हाइड्रॉकसिल)समूह होता हैं,जो तीन अलग-अलग कार्बन से जुड़े रहते हैं.

CH3CH3CH3 CH2OHCHOHCH2OH (ट्राईहाईड्रिक अल्कोहल)

अल्कोहल किसे कहते हैं -ALCOHOL KISE KAHTE HAIN

नोट:-सभी हाइड्रॉकसि समूह अल्कोहल नहीं होते हैं.केवल वही हाईड्राक्सी समूह अल्कोहल होते हैं जिनमे -OH समूह ऐसे कार्बन से जुड़ा रहता हैं जो अन्य कार्बन या हाइड्रोजन से जुड़ा होता हैं.

मतलब -OH समूह ऐसे कार्बन से नहीं जुड़ा होता जो कार्बन अन्य एटम जैसे ऑक्सीजन या कोई अन्य एटम से जुड़ा हो.उदहारण के लिए एसिटिक अम्ल में भी हाईड्राक्सी समूह(-OH)समूह होता हैं लेकिन यह अल्कोहल नहीं हैं.

 

ALCOHOL KISE KAHTE HAIN
यह अल्कोहल नहीं हैं.(एसिटिक अम्ल)

यह अल्कोहल हैं.(एथिल अल्कोहल)

मोनोहाईड्रिक अल्कोहल

ये सजातीय श्रेणी बनाते हैं.इनको अल्कनोल भी कहते हैं इनका सामान्य सूत्र CnH2n +1OH या R-OH हैं.-OH का कार्बन से जुड़े होने के आधार पर इन्हें तीन उपसमूह में विभाजित किया जाता हैं-प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक |

प्राथमिक अल्कोहल :-

  1. OH समूह का प्राथमिक कार्बन(1) से जुड़े होने के कारण इसे प्राथमिक अल्कोहल कहते हैं.प्राथमिक कार्बन उसे कहते हे जो अन्य कार्बन से जुड़ा होता हैं.जैसे एथिल अल्कोहल (CH3CH2OH)में CH2 का कार्बन CH3 के एक कार्बन(यहाँ एक ही कार्बन हैं.) के साथ जुड़ा होता हैं.

प्राथमिक अल्कोहल में -OH समूह ऐसे कार्बन एटम से जुड़ा होता हैं जो अन्य दो हाइड्रोजन परमाणुओं से रहता हैं.इसमें फंक्शनल ग्रुप एक संयोजकीय -CH2OH होता हैं.जैसे –

R-CH2OH(प्राथमिक अल्कोहल का सामान्य सूत्र)

H-CH2OH (मिथाइल अल्कोहल )

CH3-CH2OH (एथिल अल्कोहल )

द्वितीयक अल्कोहल:-

-OH समूह का द्वितीयक कार्बन(2) से जुड़े होने के कारण इसे द्वितीयक अल्कोहल कहते हैं. द्वितीयक कार्बन उसे कहते हैं जो दो अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा रहता हैं.

ऐसे अल्कोहलों में -OH समूह ऐसे कार्बन से जुड़ा रहता हैं जो एक हाइड्रोजन से जुड़ा होता हैं.इनमे फंक्शनल ग्रुप द्वि-संयोजकीय >CHOH होता हैं.उदाहरण

द्वितियक अल्कोहल का सामान्य सूत्र
द्वितियक अल्कोहल का सामान्य सूत्र
द्वितीयक ब्यूटाइल अल्कोहल
द्वितीयक ब्यूटाइल अल्कोहल

द्वितीयक ब्यूटाइल अल्कोहल

तृतीयक अल्कोहल:-

-OH समूह का तृतीयक कार्बन(3) से जुड़े होने के कारण इसे तृतीयक अल्कोहल कहते हैं. तृतीयक कार्बन उसे कहते हैं जो 3 अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा रहता हैं.

ऐसे अल्कोहलों में -OH समूह ऐसे कार्बन से जुड़ा रहता हैं जो कोई  हाइड्रोजन से नहीं जुड़ा होता हैं.इनमे फंक्शनल ग्रुप त्रि-संयोजकीय R3-COH होता हैं.उदाहरण

तृतीयक ब्यूटाइल अल्कोहल
तृतीयक ब्यूटाइल अल्कोहल

तृतीयक ब्यूटाइल अल्कोहल